छत्री तालाब पर चल रहे विकास कामों का विरोध


प्रतिनिधि/दि.१३ अमरावती-स्थानीय छत्री तालाब परिसर में छत्री तालाब विकास प्रारूप के तहत किये जा रहें विकास कामों के निर्माण का स्थानीय सामाजिक एवं पर्यावरण प्रेमी व वन्यजीव प्रेमी संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से विरोध किया गया है. इसके तहत जीवनरक्षा बहुउद्देशीय संगठन की अगुआई में कई संगठनों के पदाधिकारियों ने बुधवार १३ मार्च को छत्री तालाब परिसर में विकास के नाम पर चल रहे विकास कार्यों का मुआयना किया और इन निर्माण कार्यों को वन्यजीवों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक व हानिकारक बताया. इस संदर्भ में जानकारी देते हुए जीवनरक्षा बहुउद्देशीय संगठन के गौरव कडू ने बताया कि, विकास कामों के नाम पर छत्री तालाब परिसर के चारों ओर पिलर लगाते हुए सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जा रहा है. जबकि इस परिसर में तेंदुए व हिरन सहित कई वन्यजीवों की भरमार है, जो पानी पीने के लिए तालाब के पीछे स्थित जंगलों एवं पहाडी क्षेत्रों से बाहर आकर छत्री तालाब पर आते है.

यदि यहां पर जंगल और तालाब के बीच सुरक्षा बाढ या दीवार लगा दी जायेगी तो वन्यजीवों के पेयजल का स्त्रोत बंद हो जायेगा. साथ ही जंगल में स्वच्छंद विचरण करनेवाले वन्यजीवों के लिहाज से यह सुरक्षा बाढ काफी घातक भी साबित होगी. अत: पर्यावरण प्रेमियों व वन्यजीव प्रेमियों ने इस पूरे परिसर का मुआयना कर अपनी आपत्तियां लिखित स्वरूप में दर्ज करायी है. जिनसे एक-दो दिन में मनपा निगमायुक्त को अवगत कराया जायेगा तथा यदि छत्री तालाब परिसर में इन निर्माण कार्यों को नहीं रोका गया तो क्षेत्र में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जायेगा. छत्री तालाब परिसर में जारी विकास कामों का मुआयना करते समय जीवनरक्षा बहुउद्देशीय संस्था, वाईल्ड एडवेनियर्स वसा ऑर्गनायझेशन, वन्यजीव संरक्षण संस्था, टाईगर्स फाऊंडेशन, युथ फॉर नेचर फाऊंडेशन आदि संगठनों के सर्वश्री गौरव कडू, सागर मैदानकर, श्रीलेश पदवाड, सर्वेश मराठे, अमित वडतकर, गणेश अकर्ते, रोहित रेवालकर, सावंत येवतकर, अभी दानी,अक्षय चांबटकर, निखिल फुटाने, आशिष राऊत आदि सहित अनेकों वन्य व पर्यावरण प्रेमी कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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