धारणी में १५ क्विंटल सलाई गोंद जप्त


प्रतिनिधि/दि.१४ धारणी-मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प के सीमा क्षेत्र कोलडाढाणा के पास सुसर्दा प्रादेशिक वनविभाग द्वारा की गई दो अलग-अलग कारवाईयों में एक पिकअप जीप व एक हिरो पैशन प्लस दुपहियां वाहन के साथ करीब १५ क्विंटल सलाई गोंद जप्त किया गया है. बता दें कि, सलाई गोंद को वनसंपदा माना जाता है, जो बेहद उंची दरों पर बिकती है और आये दिन मेलघाट के जंगलों में तस्कर चोरी छिपे इस गोंद का संकलन करते हुएउसकी यहां से तस्करी करते है. बुधवार-गुरूवार की रात वनविभाग को मिली जानकारी पश्चात की गई कार्रवाई के दौरान पिकअप जीप व दुपहिया वाहन पर सवार करीब ४ तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे, जिनकी वनविभाग द्वारा सरगर्मी से तलाश की जा रहीं है.

इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक वनविभाग को सलाई गोंद की अवैध ढुलाई के संदर्भ में बुधवार की शाम गुप्त सूचना मिली थी. इसके बाद वन विभाग द्वारा धुलघाट रेल्वे व्याघ्र प्रकल्प सहित सुसर्दा प्रादेशिक वनविभाग के वन सीमावाले वन क्षेत्र में नाकाबंदी लगायी गयी थी. इस दौरान रात ११ बजे के आसपास दो लोग एमएच २८/टी ४१५७ क्रमांक की हिरो पैशन प्लस दुपहिया पर सवार होकर आते दिखाई दिये. उन्हें वनविभाग के दल ने जैसे ही रूकने का इशारा दिया, वे दोनों अपनी दुपहियां और दुपहिया पर लदा बोरा मौके पर छोडक़र अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल के भीतर फरार हो गये. पश्चात वनविभाग के दल द्वारा की गई जांच के दौरान दुपहियां वाहन के साथ मिले बोरे में करीब पौन क्विंटल सलाई गोंद बरामद की गई. इसके करीब एक घंटे पश्चात इसी नाकाबंदी के दौरान एमएच ०५/ एस ४४०३ क्रमांक का पिकअप जीप वाहन आता दिखायी दिया.

इस वाहन के चालक ने अपनी हेडलाईट की रोशनी में जैसे ही वनविभाग के दस्ते को देखा, वैसे ही वह जिप में सवार अपने एक सहयोगी के साथ अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल के रास्ते फरार हो गया. इस समय पिकअप वाहन की जांच करने पर वनविभाग के दल ने इस वाहन से करीब १४ क्विंटल सलाई गोंद बरामद किया. पश्चात वनविभाग के दल ने दोनों वाहनों और उन पर लदी सलाई गोंद की बोरियों को अपने ताबे में लिया. बता दें कि, सलाई गोंद को लोबान बनाने के काम में लाया जाता है. जिसकी बाजार में खासी मांग होती है और यह गोंद बेहद उंची दरों पर बिकती है. जिसके चलते मेलघाट क्षेत्र में आये दिन तस्करों द्वारा चोरी-छिपे सलाई गोंद का संकलन करते हुए रात के अंधेरे में इस गोंद की यहां से ढुलाई की जाती है. बुधवार की रात कोलडाढाणा में की गई कार्रवाई में सुसर्दा रेंज के रेंजर राजेश महल्ले, राऊंड ऑफिसर, नितिन अहिरराव व सुधीर पेठकर, वनपाल विठ्ठल बकाल, चालक मोहम्मद शफीक आदि ने हिस्सा लिया. इस मामले में आगे की जांच सुसर्दा वनविभाग द्वारा की जा रहीं है.

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