कांग्रेस-राकां के साथ आये करीब आधा दर्जन ‘दल’

प्रतिनिधि/दि.२३ मुंबई- महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपुर्ण कांग्रेस-राष्ट्रवादी तथा अन्य कुछ छोटे दलों की महाआघाडी की आज मुंबई में संयुक्त पत्रकार परिषद लेकर अधिकृत घोषणा की गई. समाचार लिखे जाने तक यह पत्रकार परिषद जारी थी. महाराष्ट्र की कुल ४८ सीटों में से कांग्रेस व राष्ट्रवादी कांग्रेस ने अपनेअपने कोटे से कुल चार सीटें अपने मित्र पक्षों को दी है. जिसके तहत स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के राजू शेट्टी को हातकंणंगले व सांगली, बहुजन विकास आघाडी के हितेंद्र ठाकुर को पालघर तथा युवा स्वाभिमान पार्टी की नवनीत कौर राणा को अमरावती सीट पर समर्थन दिया गया है. आज मुंबई में दोनों दलों के बडे नेता पत्रकार परिषद में उपस्थित थे. पत्रकार परिषद में कांग्रेस से नाराज चल रहे महाराष्ट्र विधानसभा के विरोधी पक्ष नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल की अनुपस्थिती चर्चा का विषय रही.

पत्रकार परिषद में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चव्हाण, राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल, पुर्व उपमुख्यमंत्री द्वय अजीत पवार व छगनभुजबल, स्वाभिमानी शेतकरी संगठना के राजू शेट्टी, बहुजन विकास आघाडी के हितेंद्र ठाकुर, शेतकरी कामगार पक्ष के जयंत पाटिल, पीपल्स रिपब्लीकन पार्टी के जोगेंद्र कवाडे, रिपाइं गवई गुट के राजेंद्र गवई, जीतेंद्र आव्हाड, नवाब मलिक, हर्षवर्धन पाटिल, युवा स्वाभिमान पार्टी के रवि राणा, हुसेन दलवाई, नसीम खान, सचिन अहिर, दिलीप वलसे पाटिल, अमृत ओंकारसिंह मेढकर, तनिष्क कांबले, फकीर मोहम्मद ठाकुर, कपिल पाटिल, रमेश सालवे, उत्तमराव गायकवाड, दिलीप जगताप, सुषमा अंधारे, समाधान अनम आदि उपस्थित थे.

इस अवसर पर घोषणा की गई कि, राज्य की सत्ताधारी भाजपाशिवसेना युती का मुकाबला करने हेतु साथ आये कांग्रेस-राकांपा तथा अन्य छोटे दलों का समावेश रहनेवाली महाआघाडी गठित की गई है. इसके तहत कांग्रेस व राकांपा के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर आम सहमति बना ली गयी है तथा दोनों ही दलों द्वारा अपने-अपने कोटे से महागठबंधन में शामिल सहयोगी दलों के लिए सीटें छोडी जायेंगी. साथ ही यदि कही पर कोई निर्दलीय प्रत्याशि मजबूत स्थिति में रहने के साथ ही कांग्रेस व राकांपा गठबंधनके साथ रहने पर सहमत होता है तो महागठबंधन द्वारा उसे समर्थन दिया जायेगा. इसी नीति के तहत अमरावती संसदीय सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लडने जा रहीं युवा स्वाभिमान नेत्री नवनीत कौर राणा को कांग्रेस-राकांपा द्वारा समर्थन दिया जा रहा है. हालांकि अंतिम समय तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि, अमरावती संसदीय क्षेत्र कांग्रेस व राकांपा में से किसके हिस्से में आया है.

सपा-बसपा व एड. आंबेडकर साथ नहीं –

बता दें कि, सपा, बसपा तथा वंचित बहुजन आघाडी के मुखिया एड. प्रकाश आंबेडकर में से कोई भी कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के साथ नहीं आया और अन्य मित्रदलों के साथ भी कई कोशिशों के बावजूद कांग्रेस-राकांपा आघाडी का तालमेल नहीं जम पाया. ऐसे में अब महागठबंधन में शामिल दोनों प्रमुख दलों कांग्रेस-राकांपा द्वारा शनिवार को ‘पंजे व घडी’ के गठबंधन की घोषणा करने का निर्णय लिया गया. ज्ञात रहे कि, कांग्रेस व राष्ट्रवादी कांग्रेस की अगुआई में लोकसभा व आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा व शिवसेना के खिलाफ बेहद मजबूत महागठबंधन स्थापित करने का प्रयास विगत छहमाह से शुरू था. जिसके तहत एड. प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्ववाले वंचित बहुजन आघाडी सहित शेकाप, माकपा, भाकपा, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, स्वाभिमानी शेतकरी संगठन, बहुजन विकास आघाडी तथा रिपब्लिकन पार्टी के अलग-अलग गुटों को साथ लाकर महागठबंधन स्थापित करने का प्रयास किया गया था. किंतु भारिप-बमसं के मुखिया एड. प्रकाश आंबेडकर ने अलग-अलग शर्ते सामने रखते हुए इस महागठबंधन में शामिल होना पहले से टाला.

वहीं एआयएमआयएम के साथ वंचित बहुजन आघाडी का गठन करते हुए वंचित बहुजन आघाडी के स्वतंत्र रूप से चुनाव लडने की घोषणा की और अपनी राह काफी पहले ही महागठबंधन से अलग कर ली. वहीं दूसरी ओर राज्य में कांग्रेस की इच्छा बसपा के साथ युती करने की थी, य्योंकि राज्य में बसपा का कैडर कई स्थानों पर बेहद मजबूत है. जिसका विशेषकर विदर्भ क्षेत्र की कुछ सीटों पर कांग्रेस को फायदा हो सकता था. किंतु बसपा ने महाराष्ट्र में भी उत्तर प्रदेश के फाम्र्यूले पर चलते हुए समाजवादी पार्टी के साथ ही गठबंधन करने की घोषणा की. वहीं समाजवादी पार्टी ने महागठबंधन में शामिल होनेहेतु अपने लिये एक सीट छोडे जाने की शर्त रखी. किंतु राज्य में समाजवादी पार्टी की ताकद बेहद सीमित रहने के चलते सपा के लिए कोई भी एक सीट छोडने पर कांग्रेस-राकांपा आघाडी में आम सहमति नहीं बनी.

जिसके चलते सपा ने भी आघाडी को छोड़ बसपा से हाथ मिला लिया. उधर दूसरी ओर आघाडी में शामिल होने हेतु स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता व सांसद राजू शेट्टी ने अपनी पार्टी के लिए दो सीटों का आग्रह कायम रखा. जिसके तहत पहले उनके लिए हाथकणंगले संसदीय सीट को आघाडी द्वारा छोड़ा गया, वहीं बाद में कांग्रेस सांगली सीट भी शेट्टी के लिए छोडऩे पर तैयार हुई. उधर दूसरी ओर माकपा ने दिंडोरी अथवा पालघर सीट की मांग सामने रखी. अभी इन सीटों को लेकर बातचीत चल ही रहीं थी कि, राकांपा द्वारा इन दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी गई. जिसके चलते माकपा ने भी कांग्रेस-राकांपा आघाडी में शामिल होना टाल दिया. बता दें कि, पालघर निर्वाचन क्षेत्र में हितेंद्र ठाकुर की बहुजन विकास आघाडी को कांग्रेस व राकांपा की ओर से समर्थन दिये जाने की घोषणा की गई है.

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