‘महिलाओं के सक्षमीकरण हेतु सरकार प्रतिबध्द’

प्रतिनिधि/दि.१६
यवतमाल-देश की सुरक्षा के
साथ ही देश की समृध्दी के लिए
हमारी सरकार पूरी तरह कटिबध्द
है. इसीलिए विकास की पंचधारा
यानी बच्चों को पढ़ाई, युवाओं को
कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसानों
को सिंचाई और जन-जन की सुनवाई
पर हमारी सरकार द्वारा विशेष बल
दिया जा रहा है. इसके साथ ही हमारी
सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री
आवास योजना के जरिये वर्ष २०२२
तक देश की हर बेघर व्यक्ति के पास
अपना घर होगा. इन सबके साथ ही
हमारी सरकार विविध योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के सक्षमीकरण को गति प्रदान करने हेतु पुरी तरह
से कृतसंकल्प है. इस आशय का प्रतिपादन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा
किया गया. वे समीपस्थ पांढरकवडा स्थित रामदेव नगरी में स्वयंसहायित
महिला बचत गुटों के महासम्मेलन में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे.
यहां पर उपरोक्त प्रतिपादन के साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि, पीएम आवास योजना में यवतमाल जिले का प्रदर्शन
राज्य सहित देश में सबसे शानदार रहा है.

पांढरकवडा के रामदेव नगरी
में स्वयंसहायित महिला बचत गुटों के महासम्मेलन अवसर पर राज्य के
राज्यपाल सी. विद्यासागर राव, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय परिवतन
नितिन गडकरी, केंद्रीय गृहराज्यमंत्री हंसराज अहीर तथा पालकमंत्री मदन
येरावार बतौर प्रमुख अतिथी उपस्थित थे.
पांढरकवडा में सडक़ से जुड़े करीब ५०० करोड़ रूपयों की लागतवाले
प्रोजेय्टस् का शिलान्यास करने के साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों साढे
चार हजार से अधिक लाभार्थी परिवारों को उनके घरों की चाबियों का
ई-वितरण किया गया. साथ ही इन लाभार्थियों का ई-गृह प्रवेश भी
कराया गया. इस अवसर पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि, वे
जब पिछली बार यहां आये थे तो उन्होंने यहां के किसानों से लंबा संवाद
स्थापित किया था. उसी बातचीत के आधार पर केंद्र सरकार द्वारा हाल ही
में घोषित बजट में किसानों के साथ-साथ घुमंतू समाज एवं श्रमिकों के
लिए बडी योजनाओं का ऐलान किया गया है. एवं सरकार ने पीएम
किसान सम्मान निधी के नाम से किसानों की सीधी आर्थिक मदत करने
की योजना बनायी है.

यवतमाल जिले के पांढरकवडा क्षेत्र में रहनेवाले
कोलाम जनजाति का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, जमीनों,
जंगल की पैदावार हो, पढाई-लिखाई हो या खेल से जुड़ी प्रतिभाओं, हर
स्तर पर आदिवासियों के कल्याण हेतु व्यापक प्रयास हो रहे है. साथ ही
जनधन से लेकर वनधन योजना तक जनजातिय समुदाय के लोगों हेतु
काम किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने कहा कि, जनजातिय इलाकों में
सिकलसेल की एक बीमारी बेहद सामान्य है. खास तौर पर विदर्भ क्षेत्र में
इस बीमारी की समस्या बेहद अधिक है. ऐसे में इस बीमारी के इलाज
हेतु बेहतर चिकित्सा सुविधा एवं रिसर्च सुविधा हेतु आदिवासी बहुल
क्षेत्र चंद्रपुर में रिसर्च सेंटर की स्थापना की जा रही है.

अपने संबोधन की शुरूआत मराठी में करते हुए पीएम मोदी ने हाल
ही में बजट में असंघटित क्षेत्र के कामगारों हेतु शुरू की गई योजना का
उल्लेख करने के साथ ही कहा कि, यवतमाल की गिनती महाराष्ट्र के
अपेक्षाकृत रूप से पिछले जिलों में होती है. इस बात के मद्देनजर सरकार
ने वन उपज के समर्थन मूल्य में विगत साढेचार वर्षों के दौरान तीन बार
बढोत्तरी की है. साथ ही एमएसपी के दायरे में आनेवाली फसलों का
समर्थन मूल्य भी बढ़ाया गया है. इसके अलावा २० हजार से ज्यादा
आदिवासी आबादीवाले क्षेत्रों में स्कूल खोले जा रहे है. जिसके तहत
यवतमाल के लिए तीन संस्थानों का लोकार्पण किया गया है.
यवतमाल में
पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को उनके घरों की चाबी का वितरण
करने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजनी-पुणे के बीच शुरू की
गई विशेष साप्ताहिक ट्रेन हमसफर एय्सप्रेस को विडीयो लिंक के जरिये
हरी झंडी भी दिखायी. इसके अलावा यहां पर महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण
जीवनोन्नती अभियान के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र व धनादेश का भी
वितरण किया गया और नांदेड के किनवट तहसील अंतर्गत सहस्त्रकुंड
स्थित एकलव्य मॉडल आदिवासी विद्यालय तथा चंद्रपुर स्थित हिमोग्लोबीन
जांच केंद्र का उदघाटन भी पीएम मोदी द्वारा रिमोट बटन दबाकर किया
गया. इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, बचत गुटों की महिलाओं
को उद्योग व्यवसाय शुरू करने एवं स्वावलंबी बनाने हेतु दी जानेवाली
निधी में ४० हजार रूपयों की वृध्दी की गई है.

अब यह निधी १ लाख
रूपये कर दिया गया है. अत: ग्रामीण महिलाओं ने वन उपज पर प्रक्रिया
करने के साथ ही इस मूल्यवृध्दि का लाभ लेना चाहिए. साथ ही उन्होंने
पांच एकड से कम भुमि रहनेवाले किसानों के खाते में प्रतिवर्ष ६ हजार
रूपये जमा कराने के बजटीय प्रावधान का उल्लेख करते हुए कहा कि,
इसका लाभ राज्य के करीब सवा करोड़ किसानों को मिलेगा. इसके
अलावा यवतमाल जिले में उदरनिर्वाह हेतु यहां से वहां स्थलांतरित होनेवाले
घुमंतू समूदाय की संख्या काफी अधिक है. जिनके कल्याण हेतु एक
महामंडल की स्थापना की जायेगी और श्रमयोगी मानधन योजना के
जरिये ६० वर्ष की आयु पुर्ण कर चुके घुमंतुओं को ३ हजार रूपये
प्रतिमाह मानधन दिया जायेगा. साथ ही आदिवासियों की सामाजिक
सुरक्षा व विकास हेतु बजट में ३० फीसदी का प्रावधान किया गया है और
जल, जंगल व खेल के माध्यम से आदिवासीयों के कल्याण हेतु प्रयास
किये जा रहे है. उन्होंने क्रीडा क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा
कि, देश को खेल के क्षेत्र में महासत्ता बनाने हेतु देश के आदिवासी बहुल
१५० जिलों में खेल के प्रति विशेष ध्यान दिया जायेगा. जिसके लिए प्रत्येक जिले हेतु पांच करोड़ रूपयों का प्रावधान किया जायेगा.

देश के स्वाधीनता संग्राम में आदिवासियों के योगदान का उल्लेख
करने के साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि, सरकार आदिवासियों एवं
महिलाओं के सक्षमीकरण हेतु विभिन्न योजनाएं चला रहीं है और हम इन
दोनों घटकों के विकास हेतु पुरी तरह से प्रतिबध्द है. इस कार्यक्रम के
प्रारंभ में सर्वप्रथम पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों को दो मिनट का मौन
रखकर श्रध्दांजलि अर्पित की गई. साथ ही यहां पर सार्वजनिक लोकनिर्माण
विभाग, एकलव्य निवासी शाला, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा ग्रामीण
जीवनोन्नति अभियान से संबंधित विडीयो य्लिप भी दिखाये गये. इसके
साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी वैशाली येडे, संगीता
मंगाम तथा अतिक्रमित जगह पर घर रहनेवाले देवका सोलंकी व शंकर
बोजवार को उनके घरकुलों की चाबियां प्रधानमंत्री मोदी के हाथों दी गई.
इसके अलावा कौशल्य विकास अभियान के तहत गवंडी प्रशिक्षण प्राप्त
रघुनाथ चव्हाण दिनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना अंतर्गत
प्रशिक्षण प्राप्त निकिता जाधव व ग्रामीण स्वयंरोजगार प्रशिक्षण केंद्र से
प्रशिक्षण पुर्ण करनेवाली रचना मेश्राम को प्रमाणपत्र, नियुक्ति पत्र एवं कर्ज
का वितरण भी किया गया.
महिलाओं को शून्य ब्याज दर से मिलेगा कर्ज-
इस अवसर परअपने विचार रखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि,
जीवनोन्नती अभियान के ‘उमेद’ उपक्रम के जरिये जिले के १ हजार ३२०
गांवों में १७ हजार बचत गुटों का निर्माण किया गया है, जिन्हें १२३
करोड़ रूपयों की चल निधी उपलब्ध करवायी गयी है. उन्होंने कहा कि,
राज्य की २५४ तहसीलें उमेद के दायरे में आती है. जहां पर २ लाख ६५
हजार महिलाओं के बचत गुट कार्यरत है. जिसके जरिये करीब ३५ लाख
परिवार इस अभियान के साथ जुडे है और आज उनके जीवन में परिवर्तन
आ रहा है. उन्होंने कहा कि, बचत गुटों द्वारा लिये गये कर्ज की अदायगी
शत-प्रतिशत है तथा कर्ज अदायगी में महिलाओं के बेहद इमानदार रहने
के चलते अब उन्हें उद्योग व व्यवसाय हेतु बिना किसी ब्याज के कर्ज
उपलब्ध करवाया जायेगा. साथ ही सीएम फडणवीस ने जिले में चल
रहीं विविध विकास योजनाओं सहित आदिवासियों के विकास हेतु चलायी
जा रहीं योजनाओं के संदर्भ में जानकारी भी उपलब्ध करायी और यवतमाल
जिले में एकात्मिक वस्त्रोद्योग पार्क स्थापित करने की घोषणा की.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *