चुनावी चर्चा से कांग्रेस-राकांपा नेताओं ने बनायी दूरी

प्रतिनिधि/दि.१७ अमरावती-आसन्न लोकसभा चुनाव हेतु प्रत्यक्ष मतदान की प्रक्रिया शुरू होने में अब महज कुछ घंटों का समय शेष बचा है. इस चुनाव में लगभग सभी दलों के प्रत्याशियों व उनसे संबंधित राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने बडी मुखरता व प्रखरता के साथ चुनाव प्रचार काल के दौरान प्रसार माध्यमों द्वारा ली गयी चुनावी परिचर्चा में हिस्सा लेते हुए अपनी बात रखी. किंतु यह बेहद आश्चर्य की बात रही कि, ऐसी तमाम चर्चाओं में देश के प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस तथा राज्य के प्रमुख राजनीतिक दल राष्ट्रवादी कांग्रेस के स्थानीय प्रमुख पदाधिकारी लगभग नदारद दिखे. साथ ही चुनाव प्रचार एवं संभावित नतीजों को लेकर प्रतिक्रिया हेतु संपर्क किये जाने पर इन नेताओं ने अपनी कोई भी प्रतिक्रिया देने से इन्कार कर दिया. इनमें शहर के पूर्व कांग्रेसी विधायक रावसाहब शेखावत, तिवसा क्षेत्र की कांग्रेसी विधायक एड. यशोमति ठाकुर तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुनिल व:हाडे का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है.

ज्ञात रहे कि, दैनिक अमरावती मंडल ने इस चुनाव में सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों व उनके प्रमुख पदाधिकारियों के मंतव्य और प्रतिक्रियाएं चुनावी परिचर्चा के रूप में प्रकाशित की. किंतु इस परिचर्चा के तहत जब हमने पुर्व कांग्रेसी विधायक रावसाहब शेखावत, तिवसा क्षेत्र की कांग्रेसी विधायक एड. यशोमति ठाकुर तथा राकांपा के जिलाध्यक्ष सुनील वहाडे से संपर्क किया तो इन तीनों ने अलग-अलग वजहे बताकर इस चुनाव पर अपनी कोई भी प्रतिक्रिया देने से इन्कार कर दिया. इसके तहत रावसाहब शेखावत ने अपनी लगातार हो रहीं मिटींग्ज की वजह बतायी. वहीं विधायक यशोमति ठाकुर का कहना रहा कि, वे पार्टी की कर्नाटक प्रभारी भी है और उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र के साथ कर्नाटक राज्य में भी प्रचार का जिम्मा संभालना है. जहां तक अपने तिवसा विधानसभा क्षेत्र का सवाल है तो उन्होंने पार्टी द्वारा समर्थित प्रत्याशी का प्रचार कर अपनी जिम्मेदारी पूरी की है.

वहीं जिले के अन्य पदाधिकारी अपने-अपने स्तर पर काम कर रहे है. इसके अलावा राकांपा के जिलाध्यक्ष सुनील व:हाडे से अनेकों बार प्रयास के बावजूद कोई संपर्क नहीं हो पाया. बता दें कि इस बार अमरावती संसदीय सीट पर कांग्रेस-राकांपा आघाडी की ओर से अपना कोई अधिकृत प्रत्याशी खड़ा नहीं किया गया है. बल्कि इसकी बजाय युवा स्वाभिमान पार्टी की ओर से बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड रहीं नवनीत राणा को कांग्रेस-राकांपा महागठबंधन द्वारा समर्थन दिया गया है. ज्ञात रहे कि, वर्ष २०१४ के लोकसभा चुनाव में नवनीत कौर राणा कांग्रेस-राकांपा आघाडी की अधिकृत प्रत्याशी थी और उन्होंने बाकायदा राकांपा के अधिकृत चुनाव चिन्ह घडी पर चुनाव लड़ा था..

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