आदिवासियों के साथ केवल होली खेलने से नहीं जीता जाता चुनाव

प्रतिनिधि/दि.१७ अमरावती-कुछ लोग अपने पैसों के दम पर अपने राजनीति की दुकान चलाना चाहते है, ऐसे लोगों का अमरावती जिले में कोई राजनीतिक आधार नहीं है. ऐसे लोगों को लगता है कि केवल होली के समय आदिवासियों के बीच जाकर बैठने और उन्हे कुछ चीजे व चंद रूपये बांटने से ही लोकसभा चुनाव जीता जा सकता है. किंतु ऐसा न कभी हुआ है और न कभी होगा. य्योंकि मेलघाट क्षेत्र के आदिवासी सही अर्थों में स्वाभिमानी लोग है और हम अपने स्वाभिमान का सौदा नहीं करते.

इस आशय का प्रतिपादन मेलघाट क्षेत्र के भाजपा विधायक प्रभुदास भिलावेकर ने किया. वर्ष २०१९ के संसदीय आम चुनाव हेतु प्रचार की अवधी समाप्त होने पर इस बार चुनाव प्रचार में मिलें अनुभव को लेकर दैनिक अमरावती मंडल के साथ बातचीत करते हुए विधायक प्रभुदास भिलावेकर ने कहा कि, समूचे मेलघाट क्षेत्र में भाजपा-शिवसेना-रिपाइं (आठवले) महायुती को जबर्दस्त प्रतिसाद मिला है. और मेलघाट में इस बार युती प्रत्याशी आनंदराव अडसूल को जबर्दस्त लीड मिलेगी, यह पूरी तरह निश्चित है.

विधायक प्रभुदास भिलावेकर के मुताबिक विगत विधानसभा चुनाव में उन्होंने जिन दो प्रमुख प्रत्याशियों को हराया था, वे केवलराम काले और राजकुमार पटेल एक-दूसरे के धुरविरोधी रहने के बावजूद इस बार पैसों की ताकत के सामने झुकते हुए एक साथ काम कर रहे है. इससे इन दोनों नेताओं का खुद का य्या नुकसान हुआ है और उनके कार्यकर्ता भितर ही भितर उनसे कितने नाराज है, यह इस बार चुनावी नतीजों में दिखाई देगा.

 अपने निर्वाचन क्षेत्र को संभाले राणा

साथ ही उन्होंने कहा कि, जो विधायक रवि राणा विधायकी के साथ-साथ सांसदी को भी अपने घर में रखकर पुरे अमरावती जिले को अपनी बपौती बनाना चाहते है. उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि विगत लोकसभा चुनाव में उनके अपने बडनेरा विधानसभा क्षेत्र में उन्हें ५८ हजार वोट कम मिले थे. ऐसे में इस बार भी वहीं होगा और पिछली बार की तरह इस बार भी भाजपा-सेना महायुती के प्रत्याशी आनंदराव अडसूल ही जबर्दस्त लीड के साथ जीतेंगे.

इस आशय का विश्वास व्यक्त करने के साथ ही विधायक प्रभुदास भिलावेकर ने कहा कि, जहां एक ओर बडनेरा विधानसभा क्षेत्र कई तरह की समस्याओं से जूझ रहा है, वहीं आज किसी जमाने में विकास की मुख्य धारा से कोसो दूर रहनेवाले मेलघाट क्षेत्र में विकास की बयार बहती दिखाई दे रही है. यह मोदी सरकार और सांसद अडसूल की वजह से ही संभव हो पाया है.

हमारी पहुंच मेलघाट के हर गांव-

हर घर तक इस साक्षात्कार के दौरान विधायक प्रभुदास भिलावेकर ने कहा कि, भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना द्वारा इस चुनाव की तैयारियां काफी पहले से शुरू कर दी गई थी. जिसके तहत भाजपा ने बूथ केंद्र प्रमुख व शक्ति केंद्र प्रमुख की संरचना पर काम करते हुए निर्वाचन क्षेत्र के हर गांव व हर घर तक अपनी पहुंच बनायी और हर मतदाता तक केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किये गये कामों व उपलब्धियों की जानकारियां पहुंचायी गयी और हमें मतदाताओं से बेहतरीन प्रतिसाद व समर्थन भी मिला. जिसके चलते हमें पुरा विश्वास है कि, पिछली बार की तरह इस बार भी मतदाता भाजपा-सेना युति के पक्ष में अपना विश्वास जतायेंगे.

 ग्रामीण क्षेत्र में बटेंगे वोट

इस समय लोकसभा चुनाव में खडे अन्य प्रत्याशियों तथा वोटों के संभावित बंटवारे को लेकर पूछे गये सवाल पर प्रभुदास भिलावेकर ने कहा कि, मेलघाट विधानसभा क्षेत्र के शहरी इलाकों में ८० फीसदी वोट भाजपा-सेना युति प्रत्याशी को मिलेंगे यह तय है. वहीं ग्रामीण क्षेत्र में वंचित आघाडी प्रत्याशी गुणवंत देवपारे व बसपा प्रत्याशी अरूण वानखडे की वजह से १०-२० फीसदी वोट प्रभावित होंगे. जिससे यह तय है कि यहां पर सांसद आनंदराव अडसूल को एकतरफा वोट मिलने के साथसाथ जबर्दस्त लीड भी मिलेगी.

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