देशभक्ति दिखाने का मौका है मतदान, इसे ‘उत्सव’ समझे

प्रतिनिधि/दि.१७ अमरावती-किसी जमाने में अपनी उमरावती में मतदान को लेकर जबर्दस्त उत्साह दिखाई देता था, जिसके तहत मतदानवाले दिन सभी मतदान केंद्रों पर ये लंबी-लंबी कतारें दिखाई देती थी और चुनाव के समय सभी नेताओं की प्रचार सभाओं में भारी भीड़ उमडती थी. उस समय लोग देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत होकर मतदान किया करते थे. इस बार भी उमरावतीकरों ने उसी देशभक्ति की भावना के साथ उत्स्फूर्त होकर मतदान करना चाहिए और राष्ट्रीय कार्य में अपना होकर मतदान किया करते थे. इस बार भी उमरावतीकरों ने उसी देशभक्ति की भावना के साथ उत्स्फूर्त होकर मतदान करना चाहिए और राष्ट्रीय कार्य में अपना योगदान देना चाहिए. इस आशय का आवाहन श्री हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल के प्रधान सचिव पद्मश्री प्रा. प्रभाकरराव वैद्य ने किया.

इस चुनाव को लेकर दैनिक अमरावती मंडल के साथ विशेष तौर पर चर्चा करते हुए प्रा. प्रभाकरराव वैद्य ने कहा कि, अमरावती जिले में वीर वामनराव जोशी व सुदामकाका देशमुख जैसे बडे नेताओं की परंपरा रही है. हमें अपने इन नेताओं द्वारा स्थापित परंपरा और विरासत को सहेजना चाहिए. उन्होंने कहा कि, पहले के जमाने में नेताओं के पास चुनाव में खडे रहने और चुनाव लडने के लिए भी पैसे नहीं हुआ करते थे और नेताओं की अच्छाई व भलाई को देखते हुए लोगबाग ही चंदा जमा करते हुए ऐसे नेताओं के साथ खडे रहते थे और ऐसे नेताओं की प्रचार सभा में स्वयंस्फुर्त रूप से उपस्थित रहते हुए राष्ट्रीय कार्य में अपने योगदान के तौर पर मतदान किया करते थे. ताऊ ने कहा कि उस समय अभी की तरह बसगाडियां भेजकर प्रचार व प्रचार सभाओं के लिए लोगों को लाना और बुलाना नहीं पडता था. ऐसे में चुनाव किसी उत्सव की तरह लगता था.

प्रा. वैद्य के मुताबिक हार और जीत हर चुनाव का एक अभिन्न हिस्सा रहे. किंतु चुनाव के बाद हार और जीत की वजह से कभी नेताओं के बीच आपसी संबंधों में कटूता निर्माण होने का यहां इतिहास नहीं रहा, य्योंकि हर कोई अमरावती जिले के विकास और देशहित में चुनाव लड़ा करता था. इस बार के चुनाव को लेकर प्रा. प्रभाकरराव वैद्य ने कहा कि, यद्यपि सभी उम्मीदवार अपने आप में ‘तगडे’ है किंतु सभी ने इस बात की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए कि, चुनाव के दौरान व चुनाव के पश्चात अमरावती जिले का वातावरण शांत और विकास के प्रति पुरक कैसे रहेगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, अब चुनाव प्रचार का दौर समाप्त हो चुका है और सभी प्रत्याशी अपने प्रचार में जीतनी ताकत लगा सकते थे, लगा चुके. अब पूरी जिम्मेदारी मतदाताओं की है. ऐसे में अब मतदाताओं ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए.

अब भी अमरावती के विकास के लिए काफी कुछ किया जाना जरूरी

अमरावती के राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक व धार्मिक क्षेत्र में अपना एक अलग स्थान रखनेवाले प्रा. प्रभाकरराव वैद्य ने इस चर्चा के दौरान कहा कि चुनाव आते-जाते रहते है, इससे पहले भी कई चुनाव हुए और भविष्य में भी कई चुनाव होंगे. किंतु हर चुनाव में देश और जिले का विकास मुख्य मुद्दा होना चाहिए और हर चुनाव इसी मुद्दे को लेकर समर्पित भी होना चाहिए.

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